Thursday, August 30, 2018

सईद अंसारी सईद अंसारी भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय एंकर्स में से

एक हैं. सईद को लाइव एंकरिंग में दक्षता हासिल है. सईद उन गिने-चुने एंकर्स में से हैं जो राजनीति, खेल, व्यापार सभी तरह की खबरों को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश करते हैं.

सईद बेहद शालीनता सौम्यता और गंभीरता के साथ खबरों को प्रस्तुत करते हैं. टीवी खबरों में सईद को उनकी खूबसूरत आवाज से भी खूब पहचान मिली है. सईद का शुमार इंडस्ट्री के पढ़े-लिखे एंकर्स में होता है. खबरों की संवेदनशीलता को लेकर सईद की गंभीरता दर्शकों को खबर से जोड़ती है. वहीं एक जुझारू पत्रकार के तौर पर भी इनकी पहचान है. फील्ड रिपोर्टिंग हो या एंकरिंग या फिर डेस्क वर्क, हर जगह इन्होंने अपना परचम लहराया है.
सईद आजतक के सबसे महत्वपूर्ण प्राइम टाइम शो ''10तक'' और ''विशेष'' के होस्ट हैं. सईद सुबह से लेकर रात तक लगातार आजतक के विभिन्न कार्यक्रमों की एंकरिंग करते हैं. सईद इकलौते ऐसे एंकर हैं जो हर शो में फिट बैठते हैं. चाहे वो सुबह-सुबह के शो हों या रात का 10तक. देश की हर बड़ी खबर पर सईद रिपोर्टिंग करते हैं. विभिन्न राज्यों में चुनाव को कवर करते सईद की उपस्थिति आजतक पर हमेशा रहती है. मुंबई में जोरदार बारिश हो, बीएमसी के चुनाव हों या बिहार की बाढ़ सईद हर जगह अपनी संवेदनशील रिपोर्टिंग से दर्शकों पर छाप छोड़ते हैं. नेताओं को कठघरे में खड़ा कर कड़े सवाल पूछने वाले कार्यक्रम ''थर्ड डिग्री'' में भी सईद दिखाई देते हैं.
सईद सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर मौजूद नहीं हैं और न ही इन्हें सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति पसंद है. सोशल मीडिया और ग्लैमर से दूर रहने वाले सईद को पुरस्कार लेने में भी संकोच होता है. हालांकि सईद अंसारी को देशभर की कई संस्थाओं ने प्रतिष्ठित सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए हैं. सईद को ENBA का सर्वश्रेष्ठ एंकर अवॉर्ड, BCS रत्न बेस्ट एंकर अवॉर्ड, नारद पुरस्कार जैसे तमाम अवॉर्ड मिल चुके हैं. सईद के नाम एक ऐसा कारनामा भी है जो आजतक कोई भी एंकर नहीं कर पाया. सईद ने लगातार 18 घंटे बिना ब्रेक के लाइव एंकरिंग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जिसे लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. 
सईद अंसारी रेडियो जॉकी रहे हैं, उन्होंने सैकड़ों डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाईं. लिखने-पढ़ने के शौकीन सईद साहित्य प्रेमी हैं. इंडिया टुडे पत्रिका और देश के विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में सईद के लेख छपते रहते हैं. सईद की विशेषता पुस्तक समीक्षा करना है. कई सौ पुस्तकों की सईद अंसारी समीक्षा कर चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है. देशभर के विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थाओं, विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सईद अंसारी को मीडिया विशेषज्ञ और वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाता है.
सईद ने मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के अलावा पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है. सईद ने मास मीडिया और क्रिएटिव राइटिंग में भी दो साल का डिप्लोमा किया है.नाक्षी कंडवाल टेलिविजन मीडिया की युवा पीढ़ी के सबसे प्रॉमिसिंग न्यूज एंकर्स में से एक हैं. मीनाक्षी देश की पहली ऐसी न्यूज एंकर हैं जिन्होंने स्टार न्यूज का बहुचर्चित टैलेंट हंट जीतकर टीवी न्यूज की दुनिया में इतिहास रचा. 2010 में "स्टार एंकर हंट" जीतकर मीनाक्षी ने स्टार न्यूज से एंकरिंग करियर की शुरुआत की. फिर इंडिया टीवी और 2015 में आजतक ज्वाइन किया.

आजतक के मार्निंग प्राइम टाइम "आज-सुबह" और "एक और एक ग्यारह" को मीनाक्षी एंकर करती हैं. इसके अलावा हर शनिवार-रविवार वीकेंड शो 'वायरल टेस्ट' भी मीनाक्षी होस्ट करती हैं. एंकरिंग का सौम्य लहजा, सुलझा व्यक्तित्व, मुद्दों की समझ, कुछ अलग करने का जुनून और अपनी मुस्कुराहट को खबरों में ना खोने देना मीनाक्षी को बाकी एंकर्स की लीग से अलग करता है.
आजतक के लिए यूपी चुनाव, नोटबंदी के दौरान उत्तराखंड के गांवों से आपकी ग्राउंड रिपोर्ट और अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर तीन दिन का नॉनस्टॉप कवरेज काफी चर्चित रहा. हर साल होने वाले आजतक के सालाना इवेंट 'साहित्य आजतक', 'एजेंडा-आजतक' और 'पंचायत-आजतक' में मीनाक्षी के मंच संचालन से लेकर इंटरव्यूज को काफी सराहा गया.
मीनाक्षी दिल्ली में ही पैदा हुईं और पली-बढ़ीं लेकिन मूल रुप से उत्तराखंड से जुड़ी हैं. हर पहाड़ी की तरह अक्सर पहाड़ पर ही लौट जाने और बसने की ख्वाहिश रखती हैं. पहाड़ की संस्कृति, मुद्दों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए उनका लगाव अक्सर उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स में दिखता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के विवेकानंद कॉलेज से कॉमर्स ग्रेजुएट मीनाक्षी ने मॉस कम्युनिकेशन में एमए भी किया है.मीनाक्षी की लिखने-पढ़ने और सिनेमा देखने में काफी दिलचस्पी है. अगर मीडिया ज्वाइन ना किया होता तो शायद किसी ट्रैवल ब्लॉगर, स्टोरी टेलर या मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर मीनाक्षी दिखाई दे सकती थीं.

深圳佳士工人维权发酵:多名声援团成员失联

中国深圳佳士维权事件近日升级。周五凌晨(8月24日),身着防暴装备的警察冲入工人声援团成员住处。目前许多声援团成员仍处于失联状态。

根据英国《卫报》报道,警察突袭声援团所在公寓后,有50名参与声援团的学生失联。路透社称,该住所住着40名学生和支持组建工会的人士。
《卫报》还引述曾与该声援团接触过的劳工活动人士称,冲突发生在周五凌晨5点的广东省惠州市。
网上流传的视频和照片显示,一群戴着头盔手持盾牌的警察冲入房间内与房内人员发生冲突,有人大喊“手拉手,手拉手...”
路透社引述一位提供突袭视频的活动人士称,视频是公寓内的学生在警察进入时发出的。
BBC中文尝试通过电话、通讯软件联系声援团核心成员岳昕及另外两名成员,都没有回应。深圳和惠州警方也未回应事件。
此次维权事件发生在中国广东省深圳市佳士科技工厂。工厂工人指公司存在超时加班、严苛罚款、欠缴公积金等违法行为,希望通过组建工会来维护自己的权益。今年5月,数名佳士工人开始筹备组建工会,但随后有积极组建工会的工人代表遭到不明身份人士殴打,也有涉事工人被开除。
7月27日事件进一步发酵,一些佳士工人及其支持者前往工厂要求复工,但遭到警方逮捕。目前仍有14名工人遭警方拘留,工人声援团核心成员沈梦雨也在8月11日失联。
这次维权事件得到各地高校以及学者的声援。北京大学、中国人民大学等十余所高校的学生发出声援书。香港大学社会学系教授潘毅、香港中文大学新闻与传播学院教授邱林川等百余名全球学者联署,呼吁释放被捕人士,支持工人自主筹建工会。
周五凌晨警方突袭前,工人现场声援团成员一直在增加,截至8月21日,声援团已有50多人。他们主要在广东省惠州市大亚湾附近活动,给周边居民和工人宣讲、发资料。但是不少学生已经受到了来自中国政府的压力。
路透社引述几名学生称,中国当局将一些学生的父母接到广东,让他们在宾馆接受“如何培养小孩”的培训。当局还安排这些家长出现在学生抗议的地方。
在多名声援团成员失联当日,此前对该事件一直保持沉默的中国媒体对这次事件进行了详细报道。
中国新华社和《南方都市报》在警察清场当天深夜发表文章称,7月下旬,一些佳士工厂前员工多次在佳士公司门口聚集、围堵,甚至闯进工厂车间,逼停生产。他们与家属和工友还到深圳当地派出所阻挠正常办公。
文章形容工人为“维权”多次“非法”冲击佳士公司。新华社引述参与事件的余某聪称,他们的诉求并不是标语上的“成立工会”、“增加福利”,“我们最终的诉求还是想得到一定的经济补偿”。《南方都市报》还报道,此次事件中,微信群“打工者中心群”是主要酝酿和传播渠道之一,“打工者中心”是一个未在国内获批的非政府组织,全部开支来自境外非政府组织“劳动力”资助。
值得注意的是,新华社与《南方都市报》的报道都未详细描述高校学生的参与过程,也未披露声援工人的学生是否已经被警方带走。新华社只是简单提及,“这起普通的工人‘维权’事件,通过互联网特别是境外网站持续发酵,不少工人、学生、网民被裹挟其中”。
本次声援团成员中有很大一部分是左翼青年。他们大多年龄在二三十岁,岳昕和沈梦雨就是两名“90后”。岳昕说,不少参与者是马克思主义者,他们希望维护工人阶级的利益。
他们的行动得到了中国左派人士的支持。《南华早报》早前报道,8月6日中午,声援团在深圳坪山燕子岭派出所附近举行了集会,其中40多名共产党员和退休干部到场参加,他们都来自左翼网站“乌有之乡”。
现场图片显示,这些共产党员和退休干部大多是白发苍苍的老人,举着毛泽东的画像和横幅,横幅上写着“湖北 江西老工人 老党员 老干部支持被抓捕的佳士工人及其声援者”。
有观点指,目前佳士事件已经由劳工运动转化为由毛左主导的街头政治活动。但香港大学社会学系教授潘毅对 中文表示,此次行动由工人自发,随后得到高校学生和国内的一些左派人士的支援,并不是由国内左派人士主导。