का मामला तूल पकड़ रहा है. इस मामले में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री
राजेन गोहेन ( ) तथा कांग्रेस सांसद सुष्मिता
देव( ) पर लोगों को भड़काने का आरोप लगा है. जिस पर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है. तिनसुकिया कांड के सिलसिले में असम में दो
समुदायों में दरार पैदा करने के मकसद से भड़काऊ बयान देने के आरोप में कुल
चार अन्य नेताओं के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की.पुलिस ने कहा कि
एक्स-उल्फा यूनाइटेड प्लैटफॉर्म की बराक इकाई के महासचिव इनामुल हक लश्कर
की ओर से सिलचर सदर पुलिस थाने में शिकायत दाखिल की गई थी.रेल राज्य मंत्री
राजेन के अलावा भाजपा विधायक शिलादित्य देव, पार्टी के नेता प्रदीप दत्ता
राय, कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव, पार्टी विधायक कामलख्या डे पुरकायस्थ और चंदन सरकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इन नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी में किसी खास बयान का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कई मौकों पर भड़काऊ बयान दिए. गुरुवार शाम को असम के तिनसुकिया में धोला पुलिस थाने के तहत आने वाले खेरोनिबाड़ी गांव में पांच बंगाली भाषी लोगों की हत्या कर दी गई थी। इनमें तीन मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे.असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को इन हत्याओं के लिए कुछ लोगों एवं संगठनों के भड़काऊ बयानों को जिम्मेदार माना था. इससे पहले, असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने सोमवार को तिनसुकिया हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग की. (इनपुट भाषा से)नई दिल्ली: केरल के सबरीमाला मंदिरसबरीमाला मंदिर के खुलने के दूसरे दिन भी मासिक धर्म की उम्र सीमा में आने वाली महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ में प्रदर्शन जारी है. पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि 52 साल की महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की. पुलिस पूरी सुरक्षा के साथ पुलिस स्टेशन महिला और उसके बेटे को ले गई. प्रदर्शन के बीच पत्रकारों पर पंबा बेस कैंप के पास हमले किए गये. जिसमें एक कैमरापर्सन घायल हो गया. सोमवार को इस इलाके में कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए मंदिर परिसर में 20 कमांडो टीम और करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एक हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था.
बता दें कि अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिवसीय विशेष पूजा के लिए तीन हफ्ते में दूसरी बार भगवान अयप्पा मंदिर के दरवाजे सोमवार को यहां खोले गए. आशंका थी कि मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का विरोध करने वाले यहां प्रदर्शन कर सकते हैं. बता दें कि पम्बा वह स्थान है जहां से श्रद्धालु पर्वत चोटी पर स्थित सबरीमला मंदिर तक पांच किलोमीटर तक पैदल जाते हैं. इससे पहले, सबरीमला को लगभग किले में तब्दील कर दिया गया. (सबरीमला मंदिर) में अभी भी 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान जारी है. मंगलवार की सुबह प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं ने मीडिया के लोगों को निशाना बनाया, जिसमें एक फोटो पत्रकार घायल हो गया. बता दें कि सन्निधानम या मंदिर के अंदर वाले आंगन में मंदिर द्वारा प्रतिबंधित आयु वर्ग की एक महिला के प्रवेश की खबरों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों को ऐसी खबर मिली कि एक महिला ने मंदिर में घुसने का प्रयास किया था, जिसके बाद वहां अशांत स्थिति उत्पन हो गई.
इन नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी में किसी खास बयान का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कई मौकों पर भड़काऊ बयान दिए. गुरुवार शाम को असम के तिनसुकिया में धोला पुलिस थाने के तहत आने वाले खेरोनिबाड़ी गांव में पांच बंगाली भाषी लोगों की हत्या कर दी गई थी। इनमें तीन मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे.असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को इन हत्याओं के लिए कुछ लोगों एवं संगठनों के भड़काऊ बयानों को जिम्मेदार माना था. इससे पहले, असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने सोमवार को तिनसुकिया हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग की. (इनपुट भाषा से)नई दिल्ली: केरल के सबरीमाला मंदिरसबरीमाला मंदिर के खुलने के दूसरे दिन भी मासिक धर्म की उम्र सीमा में आने वाली महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ में प्रदर्शन जारी है. पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि 52 साल की महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की. पुलिस पूरी सुरक्षा के साथ पुलिस स्टेशन महिला और उसके बेटे को ले गई. प्रदर्शन के बीच पत्रकारों पर पंबा बेस कैंप के पास हमले किए गये. जिसमें एक कैमरापर्सन घायल हो गया. सोमवार को इस इलाके में कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए मंदिर परिसर में 20 कमांडो टीम और करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एक हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था.
बता दें कि अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिवसीय विशेष पूजा के लिए तीन हफ्ते में दूसरी बार भगवान अयप्पा मंदिर के दरवाजे सोमवार को यहां खोले गए. आशंका थी कि मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का विरोध करने वाले यहां प्रदर्शन कर सकते हैं. बता दें कि पम्बा वह स्थान है जहां से श्रद्धालु पर्वत चोटी पर स्थित सबरीमला मंदिर तक पांच किलोमीटर तक पैदल जाते हैं. इससे पहले, सबरीमला को लगभग किले में तब्दील कर दिया गया. (सबरीमला मंदिर) में अभी भी 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान जारी है. मंगलवार की सुबह प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं ने मीडिया के लोगों को निशाना बनाया, जिसमें एक फोटो पत्रकार घायल हो गया. बता दें कि सन्निधानम या मंदिर के अंदर वाले आंगन में मंदिर द्वारा प्रतिबंधित आयु वर्ग की एक महिला के प्रवेश की खबरों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों को ऐसी खबर मिली कि एक महिला ने मंदिर में घुसने का प्रयास किया था, जिसके बाद वहां अशांत स्थिति उत्पन हो गई.
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